‘IMSEC Ghaziabad goes online full throttle during lock down’

During this tough time of lockdown due to the covid-19 pandemic, IMSEC continues with its mission of imparting quality education to its students through online mode. Faculty are taking live online classes of students, sharing notes and giving them assignments. This novel pedagogy is liked by students and they are taking a keen interest in these classes which is quite evident from their more than 85% attendance in live webinars and more than 95% assignment submissions.
The moment there was an announcement for the colleges to close down, IMSEC proactively decided to start the teaching-learning process through online mode so that students do not suffer and their syllabus is completed in time. Online teaching pedagogy was meticulously planned so that students are not bombarded with information, but real learning takes place.
All the subjects were divided into two groups: Group I and Group II. Group I consists of theoretical subjects whereas numerical based subjects and difficult ones form Group II. It was decided that the syllabus of Group II subjects will be completed through live classes and for Group I subjects, notes will be shared with students by the faculty and assignments will be given.
As a responsible educational institution, IMSEC continues to endeavor for the wellbeing of its students.
It wishes a safe and healthy life for all its stakeholders!

2nd & 3rd prize at Hackathon organized by IPEC on 13-14th Feb 2020

2nd & 3rd prize at Hackathon organized by IPEC on 13-14th Feb 2020

2nd & 3rd prize at Hackathon organized by IPEC on 13-14th Feb 2020

IMSEC Team of CS Students including Azeemun Ali, Deepak Singh, Aman Verma (3rd Yr) won 2nd prize for their project titled “Smart Communications” at Hackathon conducted by IPEC, Ghaziabad on 14th Feb 2020

‘साइंस विजार्ड’ फाइनल प्रतियोगिता.-दैनिक जागरण और आइएमएस इंजीनियरिग कॉलेज गाजियाबाद का संयुक्त प्रयास !

दैनिक जागरण और आइएमएस इंजीनियरिग कॉलेज गाजियाबाद की ओर से रविवार को ‘साइंस विजार्ड’ प्रतियोगिता का फाइनल राउंड संपन्न हो गया। ‘साइंस विजार्ड’ की फाइनल राउंड प्रतियोगिता के विजेताओं को मुख्य अतिथियों आईपीएस अधिकारी संदीप कुमार मीणा, हापुड़ पिलखुआ विकास प्राधिकरण की सचिव लक्ष्मी मिश्रा, आइएमएस सोसाइटी के चेयरमैन संजय अग्रवाल, डॉ केशव कुमार ने सम्मानित किया। विजेता को लैपटॉप और दो उपविजेताओं को एक-एक टैबलेट पुरस्कार स्वरूप दिया गया। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले शिक्षकों को सर्वपल्ली राधाकृष्णन अवॉर्ड से भी नवाजा गया।

दैनिक जागरण और आइएमएस इंजीनियरिग कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न स्कूल में ‘साइंस विजार्ड’ प्रतियोगिता कराई गई थी। इसमें 12वीं कक्षा में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पूर्व में हुई ‘साइंस विजार्ड’प्रतियोगिताओं का फाइनल राउंड रविवार को संपन्न हो गया। इसमें एनसीईआरटी, एसएटी, जेईई, यूपी बोर्ड और आईएमओ से संबंधित सवाल पूछे गए। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में सबसे पहले मुख्य अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में विजेता रहे मेरठ के यश सिघल को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं केवी मुजफ्फनगर की शिखा गोगलिया और गाजियाबाद की वर्णिका भारद्वाज को एक-एक टेबलेट और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा बरेली के पार्थ मेहरोत्रा, गाजियाबाद के अपूर्वा जैन, गाजियाबाद के दिशा तेवतिया और गाजियाबाद के उदित करन तोमर को सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न विद्यालयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शिक्षक चंदन सिंह, नीरा भार्गव, शशि सिंह और विनोद कुमार वर्मा को सर्वपल्ली राधाकृष्णन अवॉर्ड से नवाजा गया। वहीं एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद के डॉ. केके सिंह और डॉ. शैलेंद्र गंगवार को शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि आइपीएस अधिकारी संदीप कुमार मीणा ने कहा कि दैनिक जागरण और आइएमएस इंजीनियरिग कॉलेज की ओर से आयोजित की गई प्रतियोगिता से ग्रामीण और छोटे इलाकों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। इससे गांव देहात से भी प्रतिभा निकलकर सामने आई है। विज्ञान के क्षेत्र में प्राचीन समय से भारत विश्वगुरु रहा है। उन्होंने कहा कि वह भी राजस्थान की एक बहुत छोटी जगह से हैं। तैयारी शुरू की तो चार बार अपने प्रयास में असफल रहे। पांचवीं बार में उन्हें सफलता मिली। संदीप कुमार मीणा ने कहा कि जीवन में सफल होना है तो साधनों के अभाव का रोना नहीं रोना चाहिए। अपनी प्रतिभा शक्ति को पहचानें और मेहनत में जुट जाएं। वहीं हापुड़-पिलखुआ विकास प्राधिकरण की सचिव लक्ष्मी मिश्रा ने कहा कि वह भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेती थी। इससे प्रतिभा प्रदर्शन का मौका मिलता है तो साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इस मौके पर दैनिक जागरण के मुख्य महाप्रबंधक नीतेंद्र श्रीवास्तव और वाइस प्रेसीडेंट अनुत्तम सेन सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन मोनिका वर्मा ने किया।

बोले विजेता

परीक्षा से काफी कुछ सीखने को मिला है। साइंस विजार्ड में भाग लेकर काफी अच्छा लगा। घर पर फोन करके बताया तो सभी काफी खुश हैं। इससे काफी उत्साह वर्धन हुआ है।

– यश सिघल (प्रथम पुरस्कार विजेता)

अभिभावकों और शिक्षक ने परीक्षा के लिए काफी उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम में भी मेरे साथ आए। परीक्षा में भाग लेकर काफी अच्छा लगा। इससे आगे भी परीक्षाओं में भाग लेने के लिए हौसला बढ़ा है।

– शिखा गोगलिया (द्वितीय पुरस्कार विजेता)

– ‘साइंस विजार्ड’प्रतियोगिता से काफी कुछ सीखने का मौका मिला है। आगे भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उत्साहव‌र्द्धन हुआ है। परीक्षा में अच्छे प्रश्न पूंछे गए थे।

– वर्णिका भारद्वाज (तृतीय पुरस्कार विजेता)

बोले अतिथिगण

साइंस के छात्रों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन के लिए एक बेहतर मंच मिला। बहुत सी जगह ऐसी होती हैं जहां प्रतिभा छिपी रहती है उसे एक मौके की जरूरत होती है। प्रतियोगिता में साइंस के छात्रों का प्रयास सराहनीय है।

संजय अग्रवाल, चेयमैन, आइएमएस सोसाइटी

जहां छात्रों को मौके नहीं मिल पाता इस प्रतियोगिता से उन छात्र-छात्राओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर पर मिला है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

लक्ष्मी मिश्रा, सचिव, हापुड़-पिलखुआ विकास प्राधिकरण

इस तरह के कार्यक्रम से छोटे इलाकों में छिपी प्रतिभा को बाहर निकलने का मौका मिलता है। देशभर में इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन होते रहने चाहिए।

डॉ. केशव कुमार, फिजिक्स एचओडी, एमएमएच कॉलेज

दैनिक जागरण और आइएमएस की ओर से आयोजित की गई प्रतियोगिता से ग्रामीण और छोटे इलाकों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। इससे गांव देहात से भी प्रतिभा निकलकर सामने आ रही है।

– संदीप कुमार मीणा, आइपीएस अधिकारी

National Conference on CRISPR – Sponsored by AKTU

We are pleased to share that #IMS Engineering College is conducting a National Conference on CRISPR-Cas as an emerging tool for Genome Editing. The last date of registration is 30th January 2020 #Genome #crispr #science #nationalconference #engineeringcollege #imsec #AKTU

National Conference on CRISPR - Sponsored by AKTU

National Conference on CRISPR – Sponsored by AKTU

12th Convocation @ IMSEC Ghaziabad

12th Convocation @ IMSEC Ghaziabad

12th Convocation – 2019, Batch-2019

 12th Convocation - 2019

12th Convocation – 2019

Science Wizard- Corporate Social Responsibility @ IMS Engineering College

Science Wizard- Corporate Social Responsibility @ IMS Engineering College in collaboration with Dainik Jagran- Helping Students to realize their dream

Science Wizard- Corporate Social Responsibility @ IMS Engineering College in collaboration with Dainik Jagran- Helping Students to realize their dream

Science Wizard- Corporate Social Responsibility @ IMS Engineering College in collaboration with Dainik Jagran- Helping Students to realize their dream